श्री कुन्थुगिरी

जिनके कुशल निर्देशन में मनोरम
कुन्थुगिरि
का निर्माण अल्पावधि में पूर्ण हुआ,
जिनके कुशल आचार्यत्व में अनेक चरित्रशूर,
अध्यात्मवीर, चलतीर्थो का निर्माण हुआ,
जिनके पावन आशीर्वाद से अनेक भव्य
जीवों का सामुध्दार हुआ
जिनका वात्सल्यमयी संस्पर्श पाकर
रोम-रोम खिल उठता है,
जिनकी न्यायकुशल दृष्टी में धनवान और निर्धन
दोंनो ही समान है, उन
आत्म-साधनानुरागी, भारतगौरव,
गानधिपती, स्याद्वादकेसरी,
गणधराचार्यश्री कुन्थुसागर जी महाराज

के पावन करकमलों में..........

आरती संग्रह

गुरुपूजन

स्थापना - ( छन्द = शुद्धगीता )
कुन्थुसागर मुनीश्वर की, करूँ मैं भाव से पूजा ।
तिरूँगा पापसागर से, नहीं लूँगा जनम दूजा ॥
सूरीश्वर आपकी अर्चा, हमें भव से तिरायेगी ।
सभी मानस समस्यायें, शमन तत्क्षण करायेगी ॥
ॐ ह्रूँ गणाधिपति, गणधराचार्यश्री कुन्थुसागरमुनीन्द्र!
अत्र अवतर-अवतर संवौषट् अत्याह्वाननम् ।
ॐ ह्रूँ गणाधिपति, गणधराचार्यश्री कुन्थुसागरमुनीन्द्र!
अत्र तिष्ठ तिष्ठ...

क्षेत्र की आरती

( तर्ज :- भैया में राखी के बन्ध निभाना )
कुंथुगिरी की आरती कर सुख पाया,
नर-नारी मंगल आरती गाना॥ धृवपद॥
शुभ्र भावों का दीपक लेकर, उसमें नेह का घर में डालूँ,
राधिका का मत अब हाऊ, प्रशमादिक भावों को पा लूँ॥
इन्हीं बावों को उर लाना, हाँ लाना॥
नर-नारी मंगल आरती गाना ॥1॥
आध्यात्मिक धरोहर का रक्षक, आर्ष मार्ग का यह संरक्षक। देवागम गुरु...

गुरु की आरती

( तर्ज :- माही न माही मुण्डेर पे तेरी )
कुन्थुगिरि के भाग्यविधाता, चरणों में तेरे आये,
स्वर्णथाल में रत्नदीप ले, मंगल आरती गाये।
सूरिवर कुन्थुसागर की जय, मुनिवर कुन्थुसागर की जय ॥ धु्रवपद॥
बाठेडा में जन्म लियो है, सोहनदेवी मैया।
आगमज्ञाता पिता तुम्हारे, नाम था पावन रेवा।
बाल कन्हैया की लीला लख, परिजन मन मुसकाये,
स्वर्णथाल में रत्नदीप ले, मंगल...

श्री कुन्थुगिरी मंदिरे

श्री कुन्थुगिरी भवन

आचार्यभवन

परम पूज्य गणधराचार्यश्री कुन्थुसागर जी महाराज का वर्तमान निवास इसी भवन में है । इस भवन ...

आर.के.भवन

तीर्थक्षेत्र कमेटी के भूतपूर्व अध्यक्ष श्री आर.के.जैन के द्वारा निर्मित होने से इस भवन को यही नाम ...

अन्नपूर्णा भवन

यात्रियों की भोजनसुविधा के लिये इस क्षेत्र पर पद्मावती अन्नपूर्णा भवन का निर्माण किया गया है । इस ...

सभाभवन

किसी भी क्षेत्र पर धार्मिक और मांगलिक कार्यो को सम्पन्न करने के लिये सभाभवन ...

श्री कुन्थुगिरी कूट

श्री कुन्थुगिरी गुरुपरिचय

गणधराचार्य कुन्थुसागर

बहता पानी और रमता जोगी, यही समीचीन नीति है । 1967 में परम पूज्य अष्टादशभाषाभाषी, आचार्यश्री महावीरकीर्ति जी महाराज से मुनिदीक्षा को प्राप्त कर मैंने...

आचार्यश्री देवनन्दी जी महाराज

विगत दो हजार वर्षों में आर्षपरम्परा को संरक्षण प्रदान करने वाले अनेक आचार्य-परमेष्ठी हुये। उन प्रभावक आचार्यों के कारण । ही जिनशासन की प्रभावना होती...

श्री कुन्थुगिरी संपर्क

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श्री क्षेत्र कुन्थुगिरी:

श्री गणाधिपति गणधराचार्य विद्या शोध संस्थान
हातकणगले-रामलिंग रोड ,
श्री क्षेत्र कुन्थुगिरी, आळते.416109
ता.हातकणगले जि. कोल्हापूर(महाराष्ट्र)

फोन:

(0230) 2487766 / 2487500

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